क्या भारत में मिल पाएंगी हुंडई की सस्ती इलेक्ट्रिक कारें?

क्या भारत में मिल पाएंगी हुंडई की सस्ती इलेक्ट्रिक कारें?

हाल ही में हुंडई (Hyundai) और किया मोटर्स (Kia Motors) ने मिलकर ओला कैब्स (Ola Cabs) में 2000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। इसी दौरान दोनों कंपनियों ने इलेक्ट्रिक कारें (Electric Cars) और चार्जिंग स्टेशन (Charging Station) विकसित करने के लिए भी समझौता किया था। उम्मीद है कि आगे चल हुंडई मोटर्स भारत में और भी इलेक्ट्रिक कारें पेश कर सकती हैं।

बता दें कि भारत में, हुंडई की पहली इलेक्ट्रिक कार जुलाई 2019 तक पेश की जाएगी। ताजा मिली जानकारियों के अनुसार, हुंडई बैट्री प्लांट में निवेश नहीं करेगी कंपनी ने फैसला किया है कि वो बैट्री प्लांट (Battery Plant) में निवेश तब ही करेगी, जब हर साल कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक कार की करीब 50,000 यूनिट बेचने में कामयाब हो। इस स्थिति में हुंडई द्वारा सस्ती इलेक्ट्रिक कारें बना पाना मुश्किल होगा। हालांकि कंपनी इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करेगी।


दरअसल, इलेक्ट्रिक कारों का प्राइज बैट्री के आधार पर ही तय होता है, क्योंकि इन कारों में सबसे महंगा पार्ट उसकी बैट्री होती है। जितनी बड़ी और ठोस बैट्री होगी, चार्जिंग और लंबी दूरी तय करने की उसकी क्षमता, उतनी ही ज्यादा होगी। अगर भारत में ही इलेक्ट्रिक कार बैट्री की मैन्यूफैक्चरिंग शुरू कर दी जाए, तो इन कारों को तैयार करने की लागत में कमी आएगी और कारें भी सस्ती दर पर मिलेंगी।

भारतीय बाजार में हुंडई का सीधा मुकाबला मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), टाटा मोटर्स (TATA Motors) और महिंद्रा (Mahindra) जैसी कंपनियों से है। ये सभी कंपनियां देश में बैट्री मैन्यूफैक्चर करने की घोषणा कर चुकी हैं। टाटा और महिंद्रा भारत में काफी समय से इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण कर रही है। वहीं, मारुति सुजुकी भी इस सेगमेंट में वर्ष 2020 तक निर्माण शुरू करेगी। इलेक्ट्रिक कारें बेचने के लिहाज से, महिंद्रा देश की सबसे पुरानी कंपनी भी है। मगर, ये कंपनी इन कारों की प्रतिवर्ष 50,000 यूनिट बेचने में कामयाब नहीं हो पाई है। मौजूदा समय में महिंद्रा की ई-वरिटो सबसे किफायती दामों पर उपलब्ध इलेक्ट्रिक कार है। महिंद्रा ई वरिटो की प्राइस 10.11 लाख रुपये है।


इलेक्ट्रिक कारें अपनी ज्यादा कीमत, कम रेंज व चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Charging Infrastructure) की कमी के कारण ग्राहकों को लुभाने में असफल रही है। लेकिन, सरकारी विभागों के लिए कारों की खरीद फरोकख्त करने वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज़ लिमिटेड (Energy Efficiency Services Limited) द्वारा इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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