विश्व स्वास्थ्य दिवस 2019 : बिना आर्थिक परेशानी के स्वास्थ्य सुविधाएं- सभी को, हर जगह उपलब्ध हो

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2019 : बिना आर्थिक परेशानी के स्वास्थ्य सुविधाएं- सभी को, हर जगह उपलब्ध हो

विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह ठीक रहना ही मानव स्वास्थ्य की परिभाषा है। वैश्विक स्वास्थ्य के महत्व की ओर बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए पूरी दुनिया में 7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस दिन का अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के तौर पर माना है। इस दिन लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरुक किया जाता है और स्वस्थ्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जाता है। हर साल इस दिन के लिए एक थीम निर्धारित की जाती है।

थीम – यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज

इस साल इसकी थीम यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज रखा गया है। लोगों को बिना आर्थिक परेशानी के स्वास्थ्य सुविधाएं सभी को, हर जगह उपलब्ध हो। यही इस साल की थीम का मुख्य उद्देश्य है।


इतिहास

विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना साल 1948 में 7 अप्रैल के दिन ही हुई थी। इसके ठीक दो साल बाद से इस साल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। ये दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चिह्नित 8 ग्लोबल कैंपेन में से एक है।

स्वास्थ्य के मुद्दे और समस्याओं की ओर आम जनता की जागरुकता बढ़ाने के लिये वर्षों से मनाया जा रहा ये एक वार्षिक कार्यक्रम है। पूरे साल भर के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिये और उत्सव को चलाने के लिये एक खास विषय का चुनाव किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस वर्ष 1995 के खास विषयों में से एक था वैश्विक पोलियो उन्मूलन। तब से, इस घातक बीमारी से ज्यादातर देश मुक्त हो चुके हैं जबकि दुनिया के दूसरे देशों में इसकी जागरुकता का स्तर बढ़ा है।

विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व

वैश्विक आधार पर स्वास्थ्य से जुड़े सभी मुद्दे को विश्व स्वास्थ्य दिवस लक्ष्य बनाता है जिसके लिये विभिन्न जगहों जैसे स्कूल, कॉलेजों और दूसरे भीड़ वाले जगहों पर दूसरे संबंधित स्वास्थ्य संगठनों और डबल्यूएचओ के द्वारा सालाना विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। लोगों के स्वास्थ्य मुद्दे और जागरुकता संबंधित कार्यक्रम के आयोजन के द्वारा कई जगहों पर विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों सहित सरकारी, गैर-सरकारी, एनजीओ के द्वारा विश्व स्तर पर विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। खबर, प्रेस विज्ञप्ति आदि साधन के द्वारा मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से अपने क्रियाकलाप और प्रोत्साहन पर भाग लेने वाले संगठन रोशनी डालते हैं। विश्व भर के स्वास्थ्य मुद्दों पर सहायता के लिये अपनी प्रतिज्ञा के साथ विभिन्न देशों से स्वास्थ्य प्राधिकारी उत्सव में भाग लेते हैं। मीडिया क्षेत्र की मौजूदगी में अपने स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिये लोगों को बढ़ावा देने के लिये स्वास्थ्य के सम्मेलन में विभिन्न प्रकार के क्रियाकलाप किये जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस के लक्ष्य को पूरा करने के लिये विषयों से संबंधित चर्चा, कला प्रदर्शनी, निबंध लेखन, प्रतियोगिता और पुरस्कार समारोह आयोजित किये जाते हैं।


वैश्विक आधार पर स्वास्थ्य मुद्दों को बताने के लिये यूएन के तहत काम करने वाली डबल्यूएचओ एक बड़ी स्वास्थ्य संगठन है। विभिन्न विकसित देशों से अपने स्थापना के समय से इसने कुष्ठरोग, टीबी, पोलियो, चेचक और छोटी माता आदि सहित कई गंभीर स्वास्थ्य मुद्दे को उठाया है। एक स्वस्थ् विश्व बनाने के लक्ष्य के लिये इसने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। वैश्विक स्वास्थ्य रिपोर्ट के बारे में इसके पास सभी आँकड़े मौजूद हैं।

दुनियाभर में लाखों-करोड़ों लोग टीबी, कैंसर, एड्स, एनीमिया, दिल की बीमारी और पोलियो जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके साथ पिछले कुछ सालों में मेंटल हेल्थ भी बड़ी बीमारी बनकर उभरी है। डिप्रेशन, एंग्जाइटी, पैनिक अटैक और अलजाइमर के मरीजों की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। साइंस और मेडिकल ने काफी तरक्की कर ली है, लेकिन इसके बावजूद कई ऐसे रोग हैं जिनका इलाज आज भी संभव नहीं है। ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति शुरू से ही जागरुक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।

तंददुरुस्त रहन-सहन की आदत के प्रोत्साहन और लोगों के जीवन के लिये अच्छे स्वास्थ्य को जोड़ने के द्वारा जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने में विश्व स्वास्थ्य दिवस ध्यान केन्द्रित करता है।


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