देश में कोरोना वायरस के साथ फेक न्यूज़ भी तेजी से फैल रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में कई मीडिया आउटलेट्स गलत सूचना और फर्जी खबरें फैलाते हुए पकड़े गए हैं। इनमें ज्यादातर खबरें तबलीगी जमात से जुड़ी हुई हैं। मीडिया का एक धड़ा तथ्यों को ताक पर रखकर भारत में कोरोना वायरस फैलाने के लिए लगातारतबलीगी जमात को टारगेट कर रहा है।
शुक्रवार को, अरुणाचल प्रदेश सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग ने ज़ी न्यूज़ को झूठी रिपोर्टिंग के लिए लताड़ा। ज़ी न्यूज़ ने खबर चलाई थी कि इस पूर्वोत्तर राज्य में 11 कोरोनो वायरस से संक्रमित रोगी पाए गए हैं, जिन्होंने पिछले महीने दिल्ली के निज़ामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।
अरुणाचल प्रदेश की IPR ने Zee News की खबर का खंडन करते हुए ट्विटर पर लिखा, “ये स्पष्ट किया जाता है कि अरुणाचल प्रदेश में अबतक सिर्फ एक मरीज़ COVID-19 पॉजिटिव पाया गया है। ज़ी न्यूज़ द्वारा की गई रिपोर्टिंग गलत है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।”
IPR अरुणाचल प्रदेश द्वारा इस खबर का खंडन किए जाने के बाद ज़ी न्यूज़ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि चैनल पर अरुणाचल प्रदेश में तब्लीगी जमात के 11 लोगों के संक्रमित होने की खबर दिखाना एक मानवीय भूल थी। इस गलती का हमें खेद है।
बता दें, यह कोई पहला मौका नहीं है जब ज़ी न्यूज़ ने फर्जी खबरें फैलाई हो। पिछले दिनों भी ज़ी मीडिया तबलीगी जमातियों के बारे में फर्जी खबर फैलाता हुआ पकड़ा गया। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पुलिस की प्रतिक्रिया के बाद ज़ी मीडिया ने अपने फर्जी ख़बर को अपने ट्विटर अकाउंट से डिलीट कर दिया।
दरअसल, 6 अप्रैल को ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया। अपने इस ट्वीट में Zee ने तबलीगी जमातियों के सदस्यों को लेकर एक खबर शेयर की थी। खबर की हेडलाइन थी- “फिरोजाबाद में 4 तबलीगी जमाती कोरोना पॉजिटिव, इन्हें लेने पहुंची मेडिकल टीम पर हुआ पथराव।”
अपने इस ट्वीट के साथ ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ने यूपी पुलिस और फिरोजबाद पुलिस को टैग किया था। इसके बाद फिरोजाबाद पुलिस ने ज़ी न्यूज़ की खबर को झूठ करार दिया था। ज़ी न्यूज़ की इस फर्जी खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए फिरोजाबाद पुलिस ने लिखा, “आपके द्वारा असत्य एवं भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। जबकि जनपद फिरोजाबाद में न तो किसी मेडिकल टीम एवं न ही एंबुलेंस गाड़ी पर किसी तरह का पथराव किया गया है। आप अपने द्वारा किए गए ट्वीट को तत्काल डिलीट करें।”
गौरतलब है कि सिर्फ ज़ी न्यूज़ ही नहीं, बल्कि समाचार एजेंसी एएनआई और हिंदी अख़बार अमर उजाला सहित कई अन्य प्रमुख मीडिया आउटलेट भी पिछले कुछ दिनों में आधारहीन और झूठी ख़बरें फैलाते हुए पकड़े गए हैं।
This post was last modified on April 10, 2020 5:53 PM
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