लवासा पत्र : आचार संहिता को लेकर मतभेद से सीईसी का इंकार (लीड-1)

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)| मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू करने के मुद्दे पर आयोग के आंतरिक संचालन में किसी भी प्रकार के विवाद से इंकार किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आयोग के तीन सदस्यों से एक-दूसरे का क्लोन या टेम्पलेट होने की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।

चुनाव आयोग की यह प्रतिक्रिया उन खबरों के बाद आई है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह के भाषणों पर क्लीन चिट दिए जाने से असहमति जताने के बाद चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर एमसीसी उल्लंघनों पर निर्णय करने के लिए आयोजित होने वाली पूर्ण आयोग की बैठकों से खुद को अलग करने की बात कही है।


लवासा ने अपने पत्र में जोर देकर कहा है कि वह बैठक में तभी शामिल होंगे जब उनके अल्पमत निर्णयों को भी आयोग के निर्णयों में शामिल किया जाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक बयान में कहा, “मीडिया के एक धड़े में आज भारतीय चुनाव आयोग के एमसीसी नियमन संबंधी बेकार और गैर जरूरी विवाद की खबर आ रही है।”

बयान के अनुसार, “यह तब है जब सीईओ (मुख्य चुनाव अधिकारी) और उनकी टीमें देश भर में कल होने वाले सातवें चरण के चुनाव और उसके बाद 23 मई की मतगणना जैसे विशाल कार्य के लिए तैयार हैं।”


बयान में कहा गया है, “चुनाव आयोग के तीनों सदस्यों से एक-दूसरे का क्लोन या टेम्पलेट होने की उम्मीद नहीं है। पहले भी कई बार मतभेद रहा है, जो हो सकता है और होना चाहिए।”

तीन सदस्यों वाले पूर्ण आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और दो अन्य आयुक्त- अशोक लवासा और सुशील चंद्र शामिल हैं।

 

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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