महिंद्रा समृद्धि इंडिया एग्री अवार्डस में ‘कृषि नायकों’ का सम्मान

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)| महिंद्रा समूह के अंग महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट सेक्टर ने सोमवार रात महिंद्रा समृद्धि इंडिया एग्री अवार्डस (एमएसआईएए) 2019 वितरित किए। वर्ष 2011 में शुरू किया गया ‘महिंद्रा समृद्धि इंडिया एग्री अवार्डस’ किसानों और कृषि संस्थानों को कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि थे। केंद्रीय सचिव, कृषि विभाग, सहकारी एवं कृषक कल्याण संजय अग्रवाल भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

महिंद्रा ने फार्मिग 3.0 के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी द्वारा वर्ष 2017 में लॉन्च किया गया फार्मिग 3.0 उन्नत कृषि तकनीकों पर आधारित है और यह कृषि तकनीकी समृद्धि को आगे बढ़ाने के समेकित प्रयास के लिए कृषि क्षेत्र के विभिन्न शेयरधारकों की सहक्रियाओं को प्रभावी तरीके से उपयोग में लाता है। फार्मिग 3.0 के प्रमुख घटकों में स्मार्ट फार्म मशीनरी, प्रेसिजन फार्मिग, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, कस्टम हायरिंग सर्विसेज और कनेक्ट विद द इकोसिस्टम शामिल हैं।


डॉ. ई.ए. सिद्दीक को कृषि क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए महिंद्रा समृद्धि कृषि शिरोमणि सम्मान के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें धान की फसल (बासमती और गैर-बासमती) की उत्पादकता बढ़ाने में उनके योगदान के लिए दिया गया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, डॉ. पवन गोयनका ने कहा, “किसानों द्वारा दिया गया योगदान इस आधुनिक दौर की कृषि को दर्शाता है, जिसकी खुशी हम अपने वार्षिक सम्मानों के जरिए मनाते हैं। महिंद्रा एग्री विलेज (एमएवी) प्रोग्राम के तहत, हमने 50 से अधिक गांवों के साथ मिलकर काम किया है। हमारी प्रेरणा पहल ने कृषि की कठिनाई को कम करने और ज्ञान एवं आवश्यक क्षमताओं के वितरण हेतु जेंडर-न्यूट्रल कृषि उपकरणों को लाकर 40 से अधिक गांवों की लगभग 2000 महिलाओं को सशक्त बनाया है। हमारा मानना है कि ये हस्तक्षेप परिवर्तनकारी हैं और इनसे फार्मिग 3.0 को आवश्यक गति मिलेगी, जिससे देश में कृषि प्रौद्योगिकी समृद्धि बढ़ेगी।”

इस वर्ष पुरस्कारों के लिए देश के कृषि/गैर-कृषि श्रेणी से 63,758 नामांकन प्राप्त हुए, जबकि पिछले वर्ष 62,916 नामांकन प्राप्त हुए थे। अब तक, इन अवार्डस में 3.8 लाख से अधिक किसान हिस्सा ले चुके हैं। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर 2,11,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है वहीं क्षेत्रीय पुरस्कारों के तहत 50,000 रुपये दिए जाते हैं।


 

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