पाकिस्तान : मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने हिंदू छात्रा के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की

कराची, 10 नवंबर (आईएएनएस)| सिविल सोसाइटी और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी हिंदू मेडिकल छात्रा के हत्यारों की फौरन गिरफ्तारी की मांग की है, जिसे सितंबर में उसके छात्रावास के कमरे में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया था और कहा गया था कि वह आपराधिक हमले का शिकार बनीं। इस ममाले में हालिया प्रगति तब सामने आई जब 6 नवंबर को आए ऑटोप्सी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि निमृता कुमारी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। निमृता का शव 16 सितंबर को लरकाना में शहीद मोहतरमा बेनजीर भुट्टो मेडिकल यूनिवर्सिटी (एसएमबीबीएमयू) में उसके छात्रावास के कमरे में पंखे से लटका मिला था।

उसने विश्वविद्यालय के बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी प्रोग्राम में दाखिला लिया था और अंतिम वर्ष की छात्रा थी।


डॉन न्यूज के मुताबिक, शनिवार को करांची प्रेस क्लब के बाहर धरना प्रदर्शन में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने तख्तियां थामे हुए और नारे लगाते हुए कॉलेज प्रमुख को हटाने की मांग की।

महिला कर्मचारी महासंघ (एचबीडब्ल्यूडबल्यूएफ)और युवा कार्यकर्ता समिति द्वारा संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में कामकाजी महिलाओं और महिला छात्राओं के उत्पीड़न को रोकने में विफल रहने के लिए सिंध सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।


महिला कर्मचारी संघ की महासचिव जहरा खान ने प्रदर्शनकारियों से कहा, “सिंध और अन्य प्रांतों में, शिक्षण संस्थानों में छात्राओं के उत्पीड़न और कार्यस्थलों पर कामकाजी महिलाओं के साथ बदसलूकी की घटनाएं हर दिन बढ़ती जा रही हैं।”

उन्होंने कहा, “यह एक बड़ी त्रासदी है कि लरकाना में सिंध सरकार द्वारा संचालित चिकित्सा विश्वविद्यालय के उच्च प्रशासन ने मेडिकल छात्रा निमृता के दुष्कर्म और हत्या को आत्महत्या के रूप में करार दिया था। प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने के बजाय अक्सर इन मामलों को दबाने या दूसरा रंग देने की कोशिश करता है ताकि असली गुनहगार बच निकले।”

नेशनल ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महासचिव नासिर मंसूर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं और छात्राओं के लिए शिक्षा प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।

डॉन न्यूज के अनुसार, प्रदर्शन को युवा कार्यकर्ता समिति के नेता शाह फैसल ने भी संबोधित किया, जिन्होंने कहा कि पाकिस्तान में, मुख्य रूप से सिंध में, सुरक्षा बलों को सुरक्षा के नाम पर विश्वविद्यालयों में तैनात किया गया था, लेकिन फिर भी छात्राओं के यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

प्रांत भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद सिंध सरकार ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए।

सिंध हाईकोर्ट (एसएचसी) के निर्देशों पर लरकाना जिला और सत्र न्यायाधीश द्वारा देखे जा रहे हत्या के मामले की जांच अभी भी जारी है।

 

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