बिहार : चुनाव प्रचार में ‘चाचा’ नीतीश पर बीस पड़े तेजस्वी यादव, सबसे ज्यादा चुनावी सभाएं की

बिहार : चुनाव प्रचार में 'चाचा' नीतीश से बीस पड़े तेजस्वी यादव, 200 से ज्यादा चुनावी सभाएं की

पटना। लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों पर जीत और हार भले ही मतगणना के दिन 23 मई को तय होगा, परंतु प्रचार के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव सभी नेताओं पर भारी पड़े हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा 234 सभाएं की हैं। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से सबसे ज्यादा पसीना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहाया है।

सात चरणों में संपन्न हो रहे इस लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान में सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश ने राजग उम्मीदवारों के पक्ष में राज्य के विभिन्न इलाकों में 172 चुनावी जनसभाएं कर मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की, वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव ने विपक्षी महागठबंधन के प्रत्याशियों के लिए रोडशो सहित कुल 234 सभाएं कीं।


राजद प्रवक्ता विजय प्रकाश ने कहा, “तेजस्वी यादव ने राजद को लालू प्रसाद की कमी नहीं खलने दी। तेजस्वी यादव ने सभी उम्मीदवारों की मांग पूरी की है।”

राजद के नेता ने कहा कि चुनाव प्रचार अभियान के तहत तेजस्वी ने प्रतिदिन पांच-छह सभाएं की।

तेजस्वी अपनी सभाओं में मुख्यरूप से केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर निशाना साधते रहे। इस दौरान वह सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को अपना संदेश देते रहे।


सत्ताधारी महागठबंधन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 172 चुनावी सभाओं को संबोधित किया और सरकार के विकास कायरें को बताकर लोगों से राजग के लिए वोट मांगे। इस दौरान उन्होंने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के 15 सालों के शासनकाल को भी मतदाताओं को याद दिलाया और केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाई।

जद (यू) प्रवक्ता राजीव रंजन कहते हैं कि नीतीश कुमार तो अपने विकास के कामों को लेकर जनता के बीच गए, लेकिन तेजस्वी के पास बताने के लिए कुछ नहीं था। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार की 172 सभाएं तेजस्वी की 234 सभाओं पर कई गुना भारी रही हैं।”

बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुशील कुमार मोदी ने भी राजग प्रत्याशियों की जीत के लिए जमकर पसीना बहाया। सुशील मोदी ने अकेले 132 सभाएं और रोडशो किए। मोदी ने 17वीं लोकसभा के लिए 31 मार्च से प्रचार अभियान प्रारंभ किया था, जिसकी समाप्ति 17 मई को हुई। इस दौरान उन्होंने 43 रोडशो किए और 89 जनसभाओं को संबोधित किया।

इस चुनावी अभियान में जीतन राम मांझी ने भी 119 जनसभाओं को संबोधित किया। राजग के प्रमुख घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने 52 चुनावी जनसभाओं के जरिए राजग उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे, जबकि उनके पुत्र और लोजपा नेता चिराग पासवान ने 35 स्थानों पर पहुंचकर सभाओं के जरिए मतदाताओं से राजग को वोट देने की अपील की।

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता भी राजग की ओर से स्टार प्रचारक के तौर पर बिहार पहुंचे। वहीं महागठबंधन की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी बिहार आए और महागठबंधन के लिए वोट मांगे।

इस चुनाव में राजग में जहां बीजेपी, लोजपा और जदयू शामिल हैं, वहीं महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, रालोसपा, हम के अलावा कई अन्य छोटे दल शामिल हैं।

बिहार में लोकसभा चुनाव के सभी सात चरणों में मतदान होना था। 11 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हुआ था, और अबतक छह चरणों में 40 लोकसभा सीटों में से 32 सीटों पर मतदान हो चुका है। 19 मई को अंतिम चरण में आठ सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 23 मई को होगी।

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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