झारखंड: ट्रेन ड्राइवरों का अनोखा कारनामा, जानबूझकर कम करवाई आंखों की रोशनी, जानें वजह

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झारखंड में रेलवे ड्राइवरों का अनोखा कारनामा  सामने आया है। दरअसल रांची रेल डिवीजन में काम कर रहे 16 ट्रेन ड्राइवरों की मेडिकल जांच में यह पता चला है कि उनकी दृष्टि थोड़ी कमजोर हो गई है। इसके कारण अब उन्हें रेलवे नियम के अनुसार सिर्फ लिपिक कार्य ही दिया जा सकेगा, साथ ही वेतन में 30% की वेतन बढ़ोतरी भी मिलती है। रेलवे ने जब इस मामले की जांच की तो असली मामला जानकर सब चौंक गए।

दरअसल रेलवे के ट्रेन ड्राइवरों का बहाना शायद सबसे अनोखा है। 16 ट्रेन ड्राइवरों ने जब 5-7 साल पहले नौकरी शुरू की थी तो मेडिकल जांच में उनकी आंखों की रौशनी बिल्कुल ठीक पाई गई थी। मगर अब हुए मेडिकल जांच में सबकी दृष्टि थोड़ी कमजोर पाई गई है।


जानबूझकर कमजोर करवाई आँखें

गौरतलब है कि रेलव नियम के अनुसार ड्यूटी पर आंखों की रोशनी कम होने की वजह से ड्राइवरों को न सिर्फ लिपिक कार्य दिया जाता है, बल्कि 30% की वेतन बढ़ोतरी भी मिलती है। मगर जब रेलवे कार्मिक विभाग ने इन ड्राइवरों की और गहन जांच करवाई तो पता चला कि सभी ने लेसिक लेजर ऑपरेशन के जरिए जानबूझकर आंखें कमजोर करवाई हैं। जिससे यह साफ हो गया कि आराम की नौकरी और बढ़ी हुई सैलरी के लिए इन ड्राइवरों ने विभाग को धोखा देने का प्रयास किया। रांची रेल डिवीजन के सीपीआरओ नीरज कुमार ने बताया कि इनको मेजर चार्जशीट दे जांच शुरू की गई है।

खड़गपुर रेल डिवीजन में रेलवे डॉक्टर ने किया खुलासा

मामले का खुलासा खड़गपुर रेल डिवीजन में रेलवे के डॉक्टर ने किया। डॉक्टर को शक हुआ तो उसने इनको जांच के लिए दक्षिण-पूर्व रेलवे मुख्यालय भेज दिया। वहां की जांच में भी जब स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भेजा गया। यहां जांच में पता चला कि इन ट्रेन ड्राइवरों ने लेसिक लेजर ऑपरेशन से आंखों का पावर कम करवाया है। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने दक्षिण-पूर्व रेलवे जाेन के सभी ट्रेन ड्राइवराें की आंखाें की जांच शुरू करवा दी। रांची, चक्रधरपुर, आद्रा, खड़गपुर में ऐसे कई केस मिले। सभी को ऑपरेशनल ड्यूटी से हटा दिया गया है।

ड्यूटी के दौरान ड्राइवर की रौशनी कमजोर होने पर लिपिक कार्य के साथ मिलती है 30% वेतन वृद्धि

ट्रेन ड्राइवरों को पूरे साल 24 घंटे हर तरह के मौसम में इंजन चलाना होता है। अत: उनकी दृष्टि बिल्कुल सटीक होना बहुत जरूरी है। हालांकि नियम ये है कि यदि ड्यूटी करते-करते ट्रेन ड्राइवर की दृष्टि कमजोर होती है तो रेलवे उसे लिपिक कार्य में समाहित करता है। साथ ही 30% वेतन वृद्धि भी मिलती है।



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