कर्नाटक: सोशल मीडिया पर वायरल ‘गे सेक्स वीडियो’ को फर्जी बताते हुए विधानसभा में रो पड़े बीजेपी विधायक

कर्नाटक: सोशल मीडिया पर वायरल 'गे सेक्स वीडियो' को फर्जी बताते हुए विधानसभा में रो पड़े बीजेपी विधायक

कर्नाटक विधानसौदा में जारी सियासी नाटक के बीच सोमवार को एक और वाकया देखने को मिला। कर्नाटक बीजेपी के महासचिव और महादेवपुरा के विधायक अरविंद लिम्बावली रो पड़े। अरविंद लिंबावली ने सदन में दावा किया कि उनका एक फर्जी गे सेक्स (समलैंगिक यौन संबंध) वीडियो वायरल किया जा रहा है। उन्होंने उस विडियो को फर्जी बताते हुए इस घटना की जांच कराने की मांग की।

वायरल सेक्स विडियो पर सफाई देते हुए विधायक अरविंद लिंबावली की आंखों में आंसू भर आये। उन्होंने कहा, ‘ऐसी स्थिति की कल्पना करना भी मुश्किल है जहां आपके परिवार को पीड़ा पहुंचायी गयी हो। केवल मुझे पता है कि इस अपमानजनक वीडियो के कारण मेरे बच्चों पर क्या बीत रही है।’


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दरअसल, विधानसभा में विश्वास मत पर बहस से पहले जेडीएस विधायक केएम शिवलिंगगौड़ा कर्नाटक के राजनेताओं की लोकप्रियता पर बात कर रहे थे। इस दौरान जब शिवलिंगेगौड़ा ने आरोप लगाया कि विधायक शर्मिंदा हो रहे हैं, तो स्पीकर केआर रमेश कुमार ने शिवलिंगगौड़ा को यह कहते हुए रोकने का प्रयास किया कि सेक्स वीडियो एक निजी मुद्दा है और सदन में यह चर्चा का विषय नहीं हो सकता है। लेकिन लिंबावली ने खुद ही इस मामले में हस्तक्षेप किया। वह स्वेच्छा से खड़े हुए और इस पर सफाई दी।

विधायक ने बताया राजनीतिक साजिश

टेप के पीछे एक गहरी सियासी साजिश की आशंका जताते हुए, लिंबावली ने कहा, ‘लोग हमें रोकने के लिए गलत तरीके अपना रहे हैं। यह उस पक्ष (सत्ताधारी कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन) या इस पक्ष (उनकी अपनी पार्टी) या दोनों से जुड़ा हो सकता है। कृपया इस मामले में जांच का आदेश दें।’ हालांकि, स्पीकर ने विधायक लिंबावली को भावुक न होने की भी सलाह देते हुए उनके अनुरोध को रद्द कर दिया। उन्होंने विधानसभा में विश्वास मत का उल्लेख करते हुए कहा कि अभी यह विषम स्थिति है।


वायरल वीडियो मामले में दर्ज हुए हैं दो केस

बता दें , बीजेपी विधायक का तथाकथित सेक्स टेप पिछले कुछ समय पहले सोशल मीडिया में वायरल हुआ और बीते दस दिनों से राजनीति में इसकी चर्चा हो रही है। इस मामले में वॉइटफील्ड पुलिस ने लिंबावली के समर्थकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। समर्थकों ने आरोप लगाया था कि नेता के वीडियो से छेड़-छाड़ करके उसे आपत्तिजनक बनाया गया है।

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