मिसाल: 93 साल के दादाजी ने पूरी की मास्टर्स की पढ़ाई, 78 वर्षीय बुजुर्ग दे रहे इंटर की परीक्षा

मिसाल: 93 साल के दादाजी ने पूरी की मास्टर्स की पढ़ाई, 78 वर्षीय बुजुर्ग दे रहे इंटर की परीक्षा

कहते हैं पढ़ने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती। हाल के समय में इस बात के दो जीते-जागते उदहारण देखने को मिले हैं। नई दिल्ली में सोमवार को आयोजित इग्नू के दीक्षांत समारोह में 93 साल के सीआई शिवासुब्रमण्यम ने अपनी मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। कार्यक्रम में एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल भी मौजूद थे, जिन्होंने शिवा की तारीफ की और उन्हें 90 साल का ‘युवा’ बताया। वहीं 78 वर्षीय रामकरन प्रजापति यूपी में इंटर की परीक्षा दे रहे हैं।

आपको बता दें कि सीआई शिवासुब्रमण्यम ने पब्लिक ऐडमिनिस्ट्रेशन में अपनी मास्टर्स की पढ़ाई की है। शिवा ने 1940 में अपनी स्कूली पढ़ाई खत्म की थी। उसके बाद वह कॉलेज जाना चाहते थे, लेकिन माता-पिता बीमार रहने लगे। दोनों की देखभाल और परिवार के लिए उन्हें पढ़ाई छोड़ नौकरी करनी पड़ी। उस वक्त शिवा चेन्नै में रहते थे। बाद में वह दिल्ली आ गए। यहां मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स में उन्हें क्लर्क की नौकरी मिल गई। फिर 1986 में 58 साल की उम्र में वह डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए।


लेकिन तबतक शिवा का ग्रेजुएट होने का सपना अधूरा था। फिर रिटायरमेंट के बाद परिवार की जिम्मेदारियों के चलते वह ऐसा नहीं कर पाए। फिर एक दिन उनके फिजियोथेरेपिस्ट ने बताया कि वह इग्नू से कोई कोर्स करने वाला है। उन्होंने अपने लिए भी पता करने को कहा। पता चला कि इग्नू में उम्र की कोई सीमा नहीं है। इसपर शिवा ने बैचलर कोर्स के लिए आवेदन कर दिया। इसके बाद उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई भी पूरी कर ली।

इधर, यूपी के गोंडा जिले में एपी इंटर कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर 78 साल के बुजुर्ग रामकरन प्रजापति पूरे जज्बे के साथ इंटरमीडिएट परीक्षा दे रहे हैं। बुजुर्ग परक्षार्थी रामकरन प्रजापति ने बताया कि वह एक गरीब परिवार से हैं। उनका जन्म 11 जुलाई वर्ष 1942 में हुआ था। वर्ष 1997 में जनता इंटर कॉलेज इटियाथोक से हाईस्कूल पास की। फ़िलहाल वह एक निजी स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं। स्नातक करने की तमन्ना ने उन्हें इंटर परीक्षा के लिए फॉर्म भरने को प्रेरित किया।


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