क्या है एसपीजी (SPG) सुरक्षा, क्यों है सबसे अलग और स्पेशल है यह दस्ता, जानें यहाँ

क्या है एसपीजी (SPG) सुरक्षा, क्यों है सबसे अलग और स्पेशल है यह दस्ता, जानें यहाँ

SPG यानि विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group) देश की सबसे सशक्त, मॉडर्न और पेशेवर सुरक्षा बलों में से एक है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। एसपीजी देश के पीएम के साथ भारत दौरे पर आए अति विशिष्ट अतिथि की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री के परिवारों को भी ये सुरक्षा दी जाती रही है। गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा कवर हटाने के बाद यह फिर से सुर्खियों में है। आइये जानते हैं इसके बारे में…

क्या होती है एसपीजी

एसपीजी संघ की एक सशस्त्र सेना होती है जो देश के प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों सहित उनके उस समय के निकटतम परिवार के सदस्यों को सुरक्षा प्रदान करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री, उनका परिवार और वर्तमान प्रधानमंत्री के परिवार के सदस्य चाहें तो अपनी इच्छा से एसपीजी की सुरक्षा लेने से मना कर सकते हैं। विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group- SPG) की स्थापना 2 जून, 1988 में भारत की संसद के एक अधिनियम द्वारा बनाया गया था। इसके जवानों का चयन पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स (BSF, CISF, ITBP, CRPF) से किया जाता है।


इसलिए बनाई गई एसपीजी

1981 से पहले तक भारत के प्रधानमंत्री और उनके आवास के सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के उपायुक्त के नेतृत्व वाली स्पेशल सिक्योरिटी के जिम्मे होती थी। अक्टूबर 1981 में इंटेलिजेंस ब्यूरो की सलाह पर एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया। यह टास्क फोर्स दिल्ली के अंदर और बाहर पीएम की सुरक्षा-व्यवस्था संभालते थे। अक्टूबर 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सुरक्षा गार्ड्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद पीएम को प्रदत्त सुरक्षा को लेकर रिव्यू किया गया।

इसके बाद निर्णय लिया गया कि पीएम की सुरक्षा जिम्मेवारी एक स्पेशल ग्रुप को दिया जाए जिसमें एक निर्दिष्ट अधिकारी का संगठित और प्रत्यक्ष नियंत्रण हो और एसटीएफ दिल्ली और दिल्ली से बाहर पीएम को तत्काल सुरक्षा देगी। इसी वजह से एसपीजी का गठन हुआ। यह एक स्वतंत्र निर्देशक के अंतर्गत स्थापित किया गया जो दिल्ली, देश और दुनिया के हर कोने में जहां भी प्रधानमंत्री जाएं वहां उनको सुरक्षा प्रदान करेंगे।

क्या होता है खास

पीएम की सुरक्षा में विभिन्न घेरों के तहत एक हजार से ज्यादा एसपीजी कमांडो तैनात रहते हैं। पीएम की सुरक्षा में तैनात होने वाले एसपीजी कमांडो को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें पीएम की सुरक्षा में तैनात करने से पहले उनके बारे में सारी जानकारी निकाली जाती है। जैसे कि वह कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं आदि। उनके परिवार के सभी सदस्यों को ब्यौरा भी सरकार के पास मौजूद होता है। पीएम की सुरक्षा में तैनात एसपीजी की खासियत यह होती है कि ड्राइवर से लेकर निजी बॉडीगर्ड तक एसपीजी के ही होते हैं। इन्हें चेहरे पर किसी भी तरह के भाव नज़र नहीं आता है।


क्या होते हैं हथियार

एसपीजी के कमांडो ऑटोमेटिक गन FNF-2000 असॉल्ट राइफल से लैस होते हैं। कमांडोज के पास ग्लोक 17 नाम की एक पिस्टल भी होती है। ये एक कम वज़न वाला बुलेटप्रूफ जैकेट पहनते हैं। SPG के जवान हाई ग्रेड बुलेटप्रूफ वेस्ट पहने होते हैं, जो लेवल-3 केवलर की होती है। इसका वजन 2.2 किलो होता है और यह 10 मीटर दूर से एके 47 से चलाई गई 7.62 कैलिबर की गोली को भी झेल सकती है। साथी कमांडो से बात करने के लिए कान में लगे ईयरप्लग या फिर वॉकी टॉकी की मदद लेते हैं।

यहां तक की इनके जूते भी काफी अलग होते हैं। ये किसी भी जमीन पर नहीं फिसलते। ये खास तरह के दस्ताने पहनते हैं, जिससे चोट से उनका बचाव होता है। ये कमांडोज चश्मा भी पहनते हैं, जो उनकी आखों को हमले से बचाते हैं और किसी भी प्रकार का डिस्ट्रैक्शन नहीं होने देता है।


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