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आगरा : बजरंग दल नेता ने निगम अधिकारी से की बदसलूकी, कर्मचारियों ने दौड़ा-दौड़ा कर कूटा

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आगरा : बजरंग दल नेता गोविंद पाराशर ने निगम अधिकारी से की बदसलूकी, कर्मचारियों ने दौड़ा-दौड़ा कर कूटा Agra Bajrang Dal leader Govind Parashar thrashed | Newsd - Hindi News

उत्तर प्रदेश के आगरा में गुरुवार को नगर निगम कर्मचारियों और हिंदूवादी संगठन के लोगों में टकराव देखने को मिला। कर्मचारियों का आरोप है कि राष्ट्रीय बजरंग दल के महानगर अध्यक्ष गोविंद पाराशर ने एक अधिकारी से बदसलूकी की। इससे नगर निगम कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद कर्मचारियों ने पुलिस से छुड़ाकर बजरंग दल नेता को जमकर पीटा। इसके बाद एमजी रोड पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने समझा-बुझाकर आक्रोशित कर्मचारियों को शांत कराया। इसके बाद जाम खुल सका।

इसलिए भड़का गुस्सा

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर को ताजगंज के धांधूपुरा में नगर निगम की जमीन को लेकर कर्मचारियों का बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया। इसके बाद कार्यकर्ता संगठन के महानगर अध्यक्ष गोविंद पाराशर के साथ नगर निगम आ धमके और ऑफिस में तोड़फोड़ करते हुए सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला के साथ मारपीट की। सूचना मिलते ही हरीपर्वत थाना से पुलिस पहुंच गई। पुलिस गोविंद पाराशर को पकड़कर अपने साथ ले जाने लगी।

तभी नगर निगम के कर्मचारियों ने गोविंद पाराशर को पुलिस से छुड़ा लिया और बीच सड़क पर पिटाई कर दी। इससे वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इसके बाद भी कर्मचारियों को गुस्सा नहीं थमा तो एमजी रोड पर जाम लगा दिया। कर्मचारी मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। वहीं एमजी रोड पर लगे जाम से हालत खराब हो गए। पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित कर्मचारियों को समझाया और जाम खुलवाया। आगरा पुलिस ने मामले में कार्रवाई की बात कही है।

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन: PM मोदी ने किया बोस से जुड़े संग्रहालय का उद्घाटन

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तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा’ का नारा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस का आज जन्मदिन है। इस मौके पर दिल्ली में नेताजी से जुड़े संग्रहालयों का उद्घाटन हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को दिल्ली के लाल किले में तैयार किए गए चार संग्रहालयों का उद्घाटन किया। इसकी शुरुआत खास तौर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित संग्रहालय के उद्घाटन के साथ हुई। प्रधानमंत्री ने सुबह लाल किले में यह संग्रहालय सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर राष्ट्र को समर्पित किया। इस संग्रहालय में बोस की जिंदगी से जुड़ी कईं महत्वपूर्ण चीजें रखी गईं हैं।इसे 26 जनवरी के बाद आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज पर संग्रहालय में सुभाष चंद्र बोस और INA से जुड़ी विभिन्न वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। वहीं नेताजी द्वारा इस्तेमाल की गई लकड़ी की कुर्सी और तलवार के अलावा INA से संबंधित पदक, बैज, वर्दी और अन्य वस्तुएं भी शामिल हैं।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने जलियांवाला बाग पर आधारित याद-ए-जलियां संग्रहालय का शुभारंभ कर इसका अवलोकन किया। यहां 2 और संग्रहालय बनाए गए हैं जिनमें 1857 में हुई स्वतंत्रता की पहली लड़ाई से संबधित संग्रहालय, आजादी के दीवाने शामिल हैं। 26 जनवरी के बाद इन संग्रहालयों को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

मोदी ने बदला था अंडमान के तीन द्वीपों के नाम, नेताजी के नाम पर रखा
मालुम हो कि आजाद हिंद फौज ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 75 साल पहले तिरंगा फहराया था। इसी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर कुछ दिन पहले ही PM नरेंद्र मोदी अंडमान के दौरे पर गए थे। तब उन्होंने 3 द्वीपों का नाम सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखने का ऐलान किया था। अंडमान के हैवलॉक द्वीप का नाम स्वराज द्वीप, नील द्वीप का नाम शहीद द्वीप और रॉस द्वीप को नेताजी सुभाष चंद्र द्वीप के नाम से जाना जाएगा।

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Breaking News in Hindi, 23 January 2019: आज की बड़ी खबरें 23 जनवरी 2019

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आज की बड़ी खबरें 23 जनवरी 2019 | 23 January 2019 Breaking News in Hindi | Aaj ke Samachar

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आज की बड़ी खबरें 23 जनवरी 2019

12:10 PM: राकेश अस्थाना को निलंबित करने के खिलाफ SC में याचिका दाखिल


10:59 AM: मेक्सिको के हिदाल्गो प्रांत में गैसोलीन पाइपलाइन विस्फोट की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 93 हो गई है।


10:30 AM : IND vs NZ: पांच वनडे मैचों की सिरीज का पहला मैच आज, टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम को भारत ने 157 रनों पर ऑलआउट कर दिया। भारत के लिए कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके। IND vs NZ 1st ODI : छोटे मैदान पर भारतीय गेंदबाजों की अग्नि परीक्षा, कब और कहाँ देखें मैच


10:28 AM: जवाहर सुरंग इलाके में हिमस्खलन और रामबन जिले में पिछले कुछ दिनों में हुए भूस्खलनों के कारण जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग बुधवार को लगातार तीसरे दिन बंद है।


10:02 AM: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और शीर्ष अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की मुलाकात के दौरान ग्राहम के निजी सुरक्षा अधिकारी की मौजूदगी को लेकर पाकिस्तानी संसदीय पैनल ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है और इस घटनाक्रम को देश के लिए अपमानजनक बताया है।


09:37 AM: इस्राइल ने गाजा पट्टी पर स्थित हमास शिविर में मंगलवार देर रात हमला किया। यह हमला ऐसे समय में किया गया है जब सीमा पर तनाव में एक फिलीस्तीनी की मौत हो गई और एक इस्राइली सैनिक घायल हो गया था।


09:07 AM: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह मौसम सर्द रहा और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


08:42 AM: पंजाब के अमृतसर जिले में मंगलवार को एक बारात के दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने 29 वर्षीय दूल्हे पर गोलियां चला दीं, जिसमें वह घायल हो गया। निरीक्षक रविशेर सिंह ने कहा कि घटना सोमवार शाम को हुई। दूल्हे राजीव के सीने पर गोली लगी है। राजीव को एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई है।


08: 30 AM : नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती आज, लाल किले में पीएम मोदी ने किया संग्रहालय का उद्घाटन


08:00 AM : साउथ पोल फतह करनेवाली पहली भारतीय महिला IPS बनीं अपर्णा कुमार                  

दुनिया के सबसे दुर्गम इलाकों में से एक जहां सिर्फ बर्फ के अलावा और कुछ नहीं दिखता, ऐसे मुश्किल रास्ते में 111 किलोमीटर का सफर तय कर भारत का नाम रोशन किया आईपीएस अधिकारी अपर्णा कुमार ने। ऐसा करते ही वह ये मुकाम हासिल करने वाली भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बन गईं। मूल रूप से आंध्र प्रदेश की रहने वाली अपर्णा कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के 2002 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. वर्तमान में वह आईटीबीपी के देहरादून ऑफिस में बतौर डीआईजी पोस्टेड हैं।


06:30 AM बंगाल में बोले अमित शाह, ‘एक-एक हिंदू बांग्लादेशी को देंगे भारत की नागरिकता

पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि नागरिकता विधेयक पारित होने पर सभी हिंदू बंगाली शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी।


06:00 AM अर्थव्यवस्था के आकार के हिसाब से चीन से आगे निकल जाएगा भारत: रघुराम राजन

भारत इसी साल ब्रिटेन को पछाड़कर दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। साथ ही भारत में युवा लोगों की भारी संख्या आगे भी अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने का विश्वास दे रही है। इसी बीच अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने भारत के भविष्य में चीन से आगे निकल जाने की घोषणा भी की है।


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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का 56 फीसदी फंड सिर्फ प्रचार पर खर्च

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'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का 56 फीसदी फंड सिर्फ प्रचार पर खर्च beti bachao beti padhao major chunk of funds spent on publicity

22 जनवरी, 2015 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो लक्ष्यों को ध्यान में रखकर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ स्कीम की शुरुआत की। इसका पहला उद्देश्य देश में घटते लिंग अनुपात को बढ़ाना था और दूसरा लड़कियों को लेकर पिछड़ी सोच में बदलाव करना था। सरकार की इस योजना को तीन मंत्रालयों महिला और बाल विकास, मानव संसाधन विकास, और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के माध्यम से देशभर में लागू करने का फैसला किया गया। इस स्कीम के लागू होने के चार साल बाद केंद्र सरकार ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उससे पता चलता है कि इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ पब्लिसिटी था।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ स्कीम पर वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक आवंटित हुए कुल फंड का 56 फीसदी से ज्यादा भाग ‘मीडिया संबंधी गतिविधियों’ (यानी की प्रचार-प्रसार) पर खर्च किया गया। इसके विपरीत, 25 फीसदी से कम धनराशि जिलों और राज्यों को क्रमवार बांटी गई, जबकि 19 फीसदी से ज्यादा धनराशि जारी ही नहीं की गई।

ये हैरान करने वाले आंकड़े इसी साल 4 जनवरी को लोकसभा में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अपने जवाब में दिए हैं। पांच सांसदों कपिल पाटिल और शिवकुमार उदासी (बीजेपी के वर्तमान सांसद है ), कांग्रेस की सुष्मिता देव, तेलंगाना राष्ट्र समिति के गुथा सुकेंदर रेड्डी और शिवसेना के संजय जाधव ने सदन में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को लेकर सवाल रखा था।

अब तक नरेंद्र मोदी सरकार इस स्कीम पर कुल 644 करोड़ रुपये आवंटित कर चुकी है। इनमें से केवल 159 करोड़ रुपये ही जिलों और राज्यों को भेजे गए हैं। बाकी का शेष भाग ज्यादातर या तो प्रमोशन में खर्च हुआ है, या फिर विविध खर्चों में।

“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” योजना सफल या विफल?

साल 2015 में “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” स्कीम के पहले चरण में, सरकार ने अपेक्षाकृत कम लिंगानुपात वाले कुल 100 जिलों पर ध्यान केंद्रित किया। उसके बाद दूसरे चरण में, सरकार ने 61 और जिलों को इस योजना से जोड़ा। इन 161 जिलों में बाल लिंगानुपात के आधार पर योजना आंशिक तौर पर सफल रही है। 161 में से 53 जिलों में, 2015 से बाल लिंग अनुपात में गिरावट आई है। इनमें से पहले चरण के 100 में से 32 जिले और दूसरे चरण के 61 में से 21 जिले शामिल हैं। हालांकि, बाकी जिलों में बाल लिंगानुपात में वृद्धि हुई है।

कई विभागीय विशेषज्ञों का कहना है कि स्कीम की सीमित सफलता काफी हद तक इस तथ्य की वजह से है कि सरकार धन को प्रभावी रूप से जारी नहीं कर रही है और यह शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में ठोस हस्तक्षेप के बजाय प्रचार पर बहुत ज्यादा खर्च कर रही है। सरकार द्वारा आवंटित 644 करोड़ में से महज 159 करोड़ रूपए ही जिलों और राज्यों को भेजे गए हैं।


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