खाड़ी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करेगी मोदी की विदेश यात्रा

नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन की यात्रा खाड़ी देशों के साथ भारत के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगी। मोदी 24 अगस्त को बहरीन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। मोदी सरकार हालांकि अपने पहले कार्यकाल के बाद से ही मनामा के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए हुए है।

दिवंगत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सितंबर 2014 में खाड़ी देशों के दौरे के दौरान सबसे पहले बहरीन ही गई थी। संयुक्त आयोग की दूसरी बैठक में सह अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने पिछले साल जुलाई में बहरीन की तीसरी यात्रा की थी।


मोदी की 23 से 25 अगस्त के बीच होने वाली यूएई और बहरीन की यात्रा आर्थिक और राजनीतिक रूप से भारत के लिए महत्वपूर्ण है। इससे द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने व इसे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। दोनों देशों के लिए प्रधानमंत्री की यह यात्रा उस समय हो रही है, जब इन देशों ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया है। यूएई ने इस मुद्दे को नई दिल्ली का आंतरिक मामला करार दिया। वहीं बहरीन सरकार ने उन पाकिस्तानियों पर शिकंजा कसा, जो भारत विरोधी प्रदर्शन कर रहे थे।

भारत खाड़ी देशों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की कोशिश कर रहा है। जनवरी 2016 में सुषमा स्वराज ने मनामा में भारत-अरब लीग सहयोग मंच की पहली मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया था। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (ओआईसी) में भी भारत की स्थिति मजबूत हुई है। ओआईसी ने सुषमा स्वराज को मार्च-2019 में विदेश मंत्रियों की बैठक में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में आमंत्रित किया था।

यह बैठक 14 फरवरी के पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत व पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बाद आयोजित हुई थी। सुषमा की मौजूदगी का पाकिस्तान ने विरोध भी किया था।


वहीं दूसरी ओर मोदी की यूएई यात्रा तेल के अलावा अन्य कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने का काम करेगी। इनमें सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, सैन्य सहयोग व इसमें भागीदारी बढ़ाने के साथ समुद्री हित शामिल हैं।

 

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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