World Tribal Day 2019: जानें वर्ल्ड ट्राइबल डे का इतिहास, महत्व, थीम और मनाने का मकसद

World Tribal Day 2019 : दुनियाभर में मौजूद देशज लोगों के सम्मान में विश्व आदिवासी दिवस या वर्ल्ड ट्राइबल डे (World Tribal Day) प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। पृथ्वी की कुल आदम आबादी में लगभग 470 मिलियन देशज या ट्राइबल हैं। इन लोगों के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए विश्व आदिवासी दिवस या वर्ल्ड ट्राइबल डे (World Tribal Day) मनाया जाता है।

इस खास दिन को मनाने का मकसद दुनिया भर में मौजूद जनजातीय समुदायों द्वारा इस ग्रह को बेहतर बनाने की दिशा में किये गए योगदानों और उपलब्धियों को रेखांकित करना है। दिसंबर 1994 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा पहली बार इस दिन को हर साल मनाये जाने का फैसला किया गया।


संयुक्त राष्ट्र संघ की वेबसाइट के अनुसार, देशज लोगों की कुल आबादी दुनिया की कुल आबादी का 5 प्रतिशत से भी कम हैं, लेकिन वे विश्व सबसे गरीब 15 प्रतिशत लोगों में शामिल हैं। वे 5,000 विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि हर 2 सप्ताह में, एक देशज भाषा गायब हो जाती है, जो संबंधित स्वदेशी संस्कृतियों और ज्ञान प्रणालियों के अस्तित्व को जोखिम में डालती है।

संयुक्त राष्ट्र ने 2019 को देशज भाषाओं के बारे में लोगों को समझाने और बताने के लिए स्वदेशी भाषाओं के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में नामित किया है।


संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह दिन पांच प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करने के लिए लोगों को प्रेरित करेगा:

  • बढ़ती समझ, सामंजस्य और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग।
  • ज्ञान-साझाकरण और अच्छी प्रथाओं के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाना।
  • देशज भाषाओं को एक स्टैंडर्ड-सेटिंग में एकीकृत करना।
  • कैपेसिटी बिल्डिंग के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाना।
  • विकास को बढ़ावा देने के लिए नए ज्ञान का विस्तार


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