World AIDS Day: क्यों मनाया जाता है विश्व एड्स दिवस, क्या है इस बार की थीम, जानें एड्स के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

World AIDS Day: क्यों मनाया जाता है विश्व एड्स दिवस, क्या है इस बार की थीम, जानें एड्स के लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

World AIDS Day: एचआईवी (HIV) संक्रमण और एड्स की रोकथाम के लिए दुनियाभर के लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे (World AIDS Day) मनाया जाता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने सबसे पहले विश्व एड्स दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाने की शुरुआत अगस्त 1987 में की थी। WHO के अनुसार पूरी दुनिया में करीब साढ़े तीन करोड़ लोग एचआईवी पीड़ित हैं। इनमें से केवल 62% लोगों को ही समय पर इलाज मिल पाता है। इसका एक कारण लोगों में इसके प्रति जागरूकता की कमी का होना भी है। अगर लोगों को पता हो कि इसका बचाव कैसे किया जा सकता है तो एड्स को फैलने से रोका जा सकता है।

हर उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है

शुरुआत में विश्व एड्स दिवस को सिर्फ बच्चों और युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था,जबकि एचआईवी संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। इसके बाद साल 1996 में HIV/AIDS पर संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक स्तर पर इसके प्रचार और प्रसार पर जोर देते हुए साल 1997 में विश्व एड्स अभियान के तहत संचार, रोकथाम और शिक्षा पर काफी काम करना शुरू किया।


वर्ल्ड एड्स डे मनाने का उद्देश्य

वर्ल्ड एड्स डे (World AIDS Day) मनाने का मकसद एचआईवी (HIV) संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। एड्स आज के आधुनिक समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। UNICEF की रिपोर्ट की मानें तो अब तक 36.9 मिलियन लोग HIV के शिकार हो चुके हैं जबकि भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आकड़ों के अनुसार भारत में एचआईवी (HIV) के रोगियों की संख्या लगभग 21 लाख बताई जा रही है।

क्या है एचआईवी एड्स HIV/AIDS

HIV यानि ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस एक प्रकार के जानलेवा इंफेक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी है। इसे आम बोलचाल में एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यून डेफिशिएंसी सिंड्रोम के नाम से जानते हैं। इसमें जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से लड़ने में भी सक्षम नहीं हो पाता।

वर्ल्ड एड्स डे 2019 की थीम (World AIDS Day 2019 Theme)

वर्ल्ड एड्स डे 2019 की थीम इस बार कम्युनिटीज मेक द डिफरेंस है। वहीं साल 2018 में वर्ल्ड एड्स डे की थीम नो योर स्टेटस (अपनी स्थिति जानें) था। इसका मतलब था कि हर इंसान को अपने एचआईवी स्टेटस की जानकारी होनी चाहिए।


क्या है एड्स होने के कारण?

– एचआईवी पॉजिटिव असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने से होता है।

– एचआईवी मरीज के शरीर में इस्तेमाल किए हुए इंजेक्शन को दूसरे व्यक्ति में इस्तेमाल करने से यह बीमारी हो सकती है।

– इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का ब्लड किसी दूसरे व्यक्ति में चढ़ाने से एचआईवी वायरस हो सकता है।

– अगर किसी गर्भवती महिला में एचआईवी वायरस होता है तो उससे जन्म लेने वाले बच्चे में भी यह वायरस आ सकता है। इनफेक्टेड मां के बच्चे को स्तनपान कराने से भी एचआईवी फैलता है।

ये हैं एचआईवी के लक्षण

यह एक ऐसी बीमारी है, जिसके शुरुआती दिनों में किसी तरह के लक्षण सामने नहीं आते हैं। व्यक्ति बिल्कुल साधारण दिनों की तरह सेहतमंद रहता है। कुछ साल बाद ही इसके लक्षण सामने आते हैं, जो इस प्रकार हैं:

– बुखार का रहना

– नियमित रूप से शरीर में थकावट महसूस करना

– सूखी खांसी होना

– वजन का कम होना

– स्किन, मुंह, आंखों के नीचे या नाक पर धब्बे पड़ना

– समय के साथ याददाश्त कमजोर होना

– शरीर में दर्द रहना

कैसे रहें सुरक्षित?

एड्स को जड़ से खत्म करने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक वैक्सीन तलाश रहे हैं। हालांकि अभी तक इसे पूरी तरह कंट्रोल करने में सफलता नहीं मिल पाई है। ऐसे में एड्स से बचाव ही एड्स से सुरक्षा है। इसके कारणों की सही पहचान कर आप एचआईवी संक्रमित होने से बच सकते हैं।


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