Fact Check: ताली और थाली बजाने से नहीं मरता है कोरोना वायरस, सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावे गलत

Fact Check: ताली और थाली बजाने से नहीं मरता है कोरोना वायरस, सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावे गलत

देशभर में कोरोना वायरस का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। साथ ही इससे जुड़ी कुछ अफवाहें भी उतनी ही तेजी से फैल रही हैं। ऐसी ही कई गलत जानकारियाँ सोशल मीडिया पर धड़ल्ले स साझा की जा रही हैं। ऐसा ही एक दावा किया जा रहा है कि ताली बजाने से कोरोना वायरस मर जाता है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहुत सी पोस्ट शेयर की जा रही हैं, कि ताली बजाने से जो ऊर्जा और वाइब्रेशन पैदा होगी और उससे COVID-19 वायरस का खात्मा हो जाएगा। लेकिन ये सच नहीं है।

जानिए क्या है सच?

इस मामले में पीआईबी की फैक्ट चैकिंग हैंडल से इस दावे को खारिज किया गया है। एक ट्वीट में लिखा गया है, “नहीं! ताली बजाने से उतपन्न हुए वाइब्रेशन से कोरोना वायरस का संक्रमण नष्ट नहीं होगा।



पीआईबी द्वारा एक और अफवाह की हवा निकाली गई है। दरअसल, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस 12 घंटे ही जीवित रहता है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इसका खंडन करते हुए लिखा है कि इस दावे की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य या सबूत मौजूद नहीं है। आप लोग सोशल डिस्टैन्सिंग बनाये रखें।

ताली बजाने को क्यों बोला गया?

जानकारी के लिए बता दें आज यानी 22 मार्च, रविवार के दिन देशभर में जनता कर्फ्यू लगा हुआ है। इस दौरान लोगों से कहा गया है कि सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक घरों से बाहर ना निकलें। इसके साथ ही अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा था कि 22 मार्च को हम ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करें जो जोखिम उठाकर आवश्यक कामों में लगे हैं, इस महामारी से लड़ने में मदद कर रहे हैं। रविवार को ठीक 5 बजे हम अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर, बालकनी-खिड़कियों के सामने खड़े होकर पांच मिनट तक ताली-थाली बजा कर उन लोगों के प्रति कृतज्ञता जताएं, जो कोरोना से बचाने में हमें लगे हैं। इसके बाद ताली बजाने और वायरस के 12 घंटे में मर जाने जैसी अफवाहों का दौर शुरू हुआ।

बता दें दुनियाभर में वायरस के कारण 13,069 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या 308,547 का आंकड़ा पार कर चुकी है। भारत की बात करें तो यहां भी संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 355 हो गई है, जबकि इस महामारी से 7 लोग मौत के शिकार भी हुए हैं। फिलहाल केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी वायरस के खात्मे के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही हैं।


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