पिंगली वेंकैया- जिन्होंने डिजाइन किया था भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा

पिंगली वेंकैया- जिन्होंने डिजाइन किया था भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा

किसी भी देश का झंडा उस देश का आन-बान और शान होता है। हमारे देश का तिरंगा झंडा भी भारत की शान है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के एक सूत्र में बांधने वाले इस झंडे को किसने बनाया है?

भारत को जब अंग्रेज़ी राज से आज़ादी मिली तो राष्ट्रध्वज के लिए कई विकल्पों पर विचार किया गया था क्योंकि आज़ादी की लड़ाई में कई तरह के झंडों का  इस्तेमाल हुआ था। फिर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए डिज़ाइन किए गए झंडे में कुछ बदलाव कर उस झंडे को राष्ट्रध्वज के तौर परमान्यता दी गई। इस झंडे के डिज़ाइन के प्रेरणास्रोत रहे थे पिंगली वेंकैया।


भारत के राष्ट्रीय ध्‍वज तिरंगे का डिजाइन बनाने वाले पिंगली वेंकैया के सम्मान में भारत सरकार ने उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया था। इस डाक टिकट में उनके बनाए गए तिरंगे के साथ उनकी तस्वीर भी थी।

आइये जानते हैं पिंगली वेंकैया के बारे में कुछ खास बातें…

–  पिंगली वेंकैया का जन्म 2 अगस्त, 1876 को वर्तमान आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम के निकट भाटलापेन्नुमारु नामक स्थान पर हुआ था।


–  इनके पिता का नाम हनुमंतारायडु और माता का नाम वेंकटरत्नम्मा था।

–  मछलीपत्तनम से हाई स्कूल उत्तीर्ण करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वे कोलंबो चले गए।

–  भारत लौटने के बाद उन्होंने एक रेलवे गार्ड के रूप में और फिर बेल्लारी में एक सरकारी कर्मचारी के रूप में काम किया।

–  पिंगली वेंकैया ने लाहौर के एंग्लो वैदिक महाविद्यालय से उर्दू और जापानी भाषा का अध्ययन भी किया था।

–  वेंकैया कई विषयों के जानकार थे। उन्हें भूविज्ञान और कृषि क्षेत्र से भी विशेष लगाव था।

–  वेंकैया ने ब्रिटिश भारतीय सेना में भी सेवा की थी और दक्षिण अफ्रीका के एंग्लो-बोअर युद्ध में भी भाग लिया था। यहीं वे महात्मा गांधी के संपर्क में आए और उनकी विचारधारा से बहुत प्रभावित हुए।

–  गांधीजी के संपर्क में आने के बाद वे भारत के आजादी लड़ाई में शामिल हो गए। पिंगली वेंकैया ने 1916 के बाद करीब 5 सालों के अध्ययन के बाद तिरंगे की डिजाइन बनाई थी।

–  पिंगली वैंकेया ने पहले हरे और लाल रंग का इस्तेमाल करते हुए एक झंडा तैयार किया था, जिसे सबकी सहमति नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने एक ऐसा ध्वज तैयार किया, जिसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टियां थीं। इसे सभी की सहमति मिल गई थी।

–  राष्ट्रीय ध्वज बनाने के बाद पिंगली वेंकैया को झंडा वेंकैया के नाम से पहचान मिली। 4 जुलाई, 1963 को पिंगली वेंकैय्या का निधन हो गया।

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